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हिमाचल के 26,724 आउटसोर्स कर्मचारियों को बड़ी राहत! नई नीति लाएगी सुक्खू सरकार

हिमाचल के 26,724 आउटसोर्स कर्मचारियों को बड़ी राहत! नई नीति लाएगी सुक्खू सरकार, भविष्य होगा अधिक सुरक्षित

आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए जल्द बनेगी नई राज्य नीति
26,724 कर्मचारियों के हितों की सुरक्षा पर सरकार का बड़ा फैसला
CM सुक्खू बोले- व्यावहारिक और न्यायसंगत व्यवस्था होगी लागू


चंबा। हिमाचल प्रदेश के हजारों आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने संकेत दिए हैं कि प्रदेश सरकार जल्द ही आउटसोर्स कर्मचारियों के हितों की सुरक्षा के लिए नई नीति लागू करेगी। लंबे समय से स्पष्ट नीति और सेवा सुरक्षा की मांग कर रहे कर्मचारियों के लिए यह घोषणा बड़ी उम्मीद लेकर आई है। सरकार का कहना है कि नई नीति कर्मचारियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए व्यावहारिक, न्यायसंगत और संतुलित होगी।

मुख्यमंत्री ने यह घोषणा रविवार को अंतरराष्ट्रीय मिंजर मेला-2026 के समापन समारोह के दौरान चंबा में पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कई वर्षों से आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए स्थायी नीति बनाने की मांग उठती रही है। सरकार इस विषय पर गंभीरता से कार्य कर रही है और जल्द ही कर्मचारियों के हितों को सुरक्षित करने वाला निर्णय लिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2016 और 2017 के दौरान प्रदेश में सबसे अधिक नियुक्तियां आउटसोर्स आधार पर हुई थीं। वर्तमान समय में शिक्षा विभाग, जल शक्ति विभाग, लोक निर्माण विभाग (PWD), हिमाचल प्रदेश राज्य बिजली बोर्ड सहित कई सरकारी विभागों, बोर्डों और निगमों में बड़ी संख्या में कर्मचारी आउटसोर्स व्यवस्था के तहत अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इन कर्मचारियों के भविष्य, सेवा शर्तों और अधिकारों को सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से सरकार नई नीति तैयार कर रही है।

सरकार का मानना है कि आउटसोर्स कर्मचारियों की सेवाएं प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। ऐसे में उनकी कार्य परिस्थितियों, सेवा सुरक्षा और भविष्य को लेकर स्पष्ट नीति बनाना समय की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ऐसा समाधान तैयार करेगी जिससे कर्मचारियों और प्रशासन दोनों के हित सुरक्षित रह सकें।

मुख्यमंत्री ने इस दौरान यह भी बताया कि प्रदेश सरकार चिकित्सकों को विदेश में एक्सपोजर विजिट पर भेजने की योजना पर भी विचार कर रही है। इसके लिए अलग नीति बनाई जा रही है ताकि डॉक्टरों को आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों का अनुभव मिल सके और प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार हो।

चंबा दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने 158 करोड़ रुपये की लागत से बने 200 बिस्तरों वाले मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल भवन तथा शाहपुर-सिहुंता-चंबा सड़क का लोकार्पण भी किया। इसके अलावा मेडिकल कॉलेज चंबा में उपचार के दौरान एक युवक की मौत के मामले में जांच के आदेश भी दिए।

रविवार को मुख्यमंत्री ने रावी नदी में पारंपरिक मिंजर विसर्जन की रस्म निभाकर अंतरराष्ट्रीय मिंजर मेले का विधिवत समापन किया। इससे पहले उन्होंने अखंड चंडी पैलेस से निकली भव्य शोभायात्रा का नेतृत्व किया तथा मिंजर मेले की स्मारिका का विमोचन भी किया।

इस बीच प्रदेश सरकार द्वारा हाईकोर्ट में दाखिल हलफनामे में बताया गया है कि हिमाचल प्रदेश के विभिन्न सरकारी विभागों, बोर्डों और निगमों में वर्तमान में 26,724 आउटसोर्स कर्मचारी कार्यरत हैं। इससे पहले सरकार ने इनकी संख्या 17,114 बताई थी। आउटसोर्स नियुक्तियों, नियमित रिक्त पदों और सेवा व्यवस्था से जुड़ा मामला फिलहाल हाईकोर्ट में विचाराधीन है। अदालत ने सरकार से पिछले तीन वर्षों में हुई आउटसोर्स नियुक्तियों तथा रिक्त नियमित पदों का विस्तृत ब्यौरा भी मांगा है। ऐसे में सरकार की नई नीति पर अब प्रदेशभर के हजारों कर्मचारियों की नजरें टिकी हुई हैं।